blogid : 313 postid : 3454

क्या आप भी बैठे-बैठे पैर हिलाते हैं ?

Posted On: 8 Apr, 2013 मेट्रो लाइफ में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

आप किसी मीटिंग में बैठे हैं और कुर्सी पर बैठे-बैठे आप लगातार अपने पैर हिलाने में व्यस्त हैं. किसी दोस्त के साथ पब में हैं और काउच पर बैठे हुए आप अपने पैर को हिलाते जा रहे हैं. ब्यूटी पार्लर में अपने बाल कटवा रही हैं और आपको आपकी ब्यूटिशियन बार-बार टोक रही है कि आप पैर मत हिलाइए, लेकिन हैरानी की बात है आपको पता भी नहीं चला कि आप अपना पैर हिला रही हैं.


कहीं जी का जंजाल ना बन जाए ब्रेक-अप


बहुत से लोग होते हैं जिन्हें एक स्थान पर बैठे हुए पैर हिलाने की आदत होती है. यह आदत इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि कई बार तो पता ही नहीं चलता कि पैर हिलाने का यह सिलसिला कब शुरू हो जाता है, जब दूसरे आपको टोकते हैं तब आपको पता चलता है कि आप तो बैठे-बैठे अपने पांव हिला रहे थे. ये आदत बचपन से आपके साथ चलती है और समय बीतने के साथ-साथ यह और ज्यादा पढ़ जाती है.


जब रोमांस की चिड़िया हो जाए छू मंतर


आप सोचते हैं यह तो आपकी बचपन की आदत है यहां तक कि परिवारवाले भी आपको एक समय बाद डांटना बंद कर देते हैं यह कहकर कि “इसकी ये आदत नहीं छूटेगी” लेकिन इस बारे में विशेषज्ञों की राय कुछ अलग है. हालिया शोध के बाद डॉक्टरों का कहना है कि यह आदत से ज्यादा एक बीमारी का संकेत है जो आगे चलकर गंभीर परिणाम पैदा करता है.


यार, मेरी गर्लफ्रेंड बहुत चिपकू है !!!


हावर्ड मेडिकल स्कूल, बोस्टन के प्रोफेसर और इस शोध के मुखिया डॉ. डब्ल्यू, विंकमैन का कहना है कि इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति औसतन नींद ना आने से पहले 200-300 बार अपने पैर हिलाता है. शोधकर्ताओं का यह स्पष्ट कहना है कि लगातार पैर हिलाने जैसी बीमारी से दिल का दौरा पड़ने की संभावना तो तेज होती ही है लेकिन साथ ही हृदय संबंधित अन्य बीमारियां भी व्यक्ति को घेर लेती हैं.


मुझे भी ब्वॉयफ्रेंड चाहिए


मेडिकल साइंस में रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के नाम से कुख्यात इस बीमारी का कारण नींद ना आना है. जब व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान होता है या बचपन से ही उसे नींद ना आने की बीमारी है तो कुछ समय बाद वह रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की चपेट में चला ही जाता है. इस बीमारी से ग्रस्त लोगों को कार्डियोवैस्कुलर संबंधित बीमारियां अपना शिकार बना लेती हैं और लगातार पैर हिलाते रहने से ब्लड प्रेशर के साथ-साथ दिल की धड़कनों की गति भी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से आगे चलकर जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है.



बाप बड़ा ना भैया, लड़कियों के लिए तो सबसे बड़ा रुपैया


अब बस इस वजह से यह सोच लेना कि यह शोध विदेशी पृष्ठभूमि पर आधारित है इसीलिए भारत में इसका कोई खास महत्व नहीं है गलत होगा. कभी-कभी विदेशी शोधकर्ता भी कुछ काम लायक शोध कर ही लेते हैं. वैसे भी पैर हिलाना अच्छी आदत तो है नहीं इसीलिए अगर आप ऐसा करते हैं तो जल्द से जल्द इस आदत से छुटकारा पाइए, यही आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा.



मुझे भी ब्वॉयफ्रेंड चाहिए

क्या मैं मोटी लग रही हूं?

क्या आप भी 37 साल के हैं?


Tags: diseases, harmful diseases, health and safety, men`s health, indian healthy life, बिमारी, पैर हिलाने की बिमारी, healthy life, स्वस्थ जीवन




Tags:                   

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

shubham pandey के द्वारा
August 2, 2017

में भी बहुत पैर हिलता हु और मुझे पता भी नहीं चलता | में इससे बहुत परेशान हु में इससे छुटकारा पाना चाहता हु कोशिस करता हु की पैर न हिलाऊ पर पता ही नहीं चलता की में कब पैर हिलने लगा |


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran