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महिलाओं द्वारा पुरुषों पर किए जाने वाले 10 अत्याचार

Posted On: 8 Mar, 2014 मेट्रो लाइफ में

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माँ, करुणा की देवी, प्यार का सागर, आदिशक्ति…. शायद इन सब नामों से हम प्राचीन काल से नारी को जानते और पूजते हैं. लोग नारी पर किए गए शोषण और अत्याचारों के प्रति आवाज़ उठाते हैं और समाज में उन्हें बराबरी का हक दिलाने की कवायद करते हैं. हमेशा से पुरुष को महिलाओं के साथ की गयी हिंसा का दोषी पाया जाता है. इसके अलावा घरेलू हिंसा का मुख्य कारण पुरूषवादी सोच होना है और स्त्री को भोग की विषय वस्तु भी बताया जाता था.


imgname--do_women_seek_a_strong_male_partner---50226711--22519709परन्तु अब शायद यह धारणाएं बदलने वाली हैं क्योंकि फॉक्स न्यूज़ ने उन 10 क्रूर कामों की सूची निकाली है जो महिलाएं पुरुष के प्रति करती हैं. सुन कर हैरानी होती है लेकिन यह सच है महिलाएं और लड़कियां भी क्रूर हो सकती हैं.


आइए हम ये जानने के लिए कि कैसे लड़कियां पुरुषों की भावनाओं से खेलती हैं और जिनकी यंत्रणा पुरुषों को झेलनी पड़ती है उन दस क्रूर कामों पर उलटे क्रम से नज़र डालते हैं.


10. फोन नहीं उठाना: कभी आपने गौर किया है कि यदि आपकी गर्लफ्रेंड आपका फोन नहीं उठाती तो आप कितना तनाव महसूस करते हैं. वहीं दूसरी तरफ़ अगर आपके पास किसी लड़की का फोन आ गया तो आपकी व्यग्रता का ठिकाना नहीं रहता. इसके अलावा अमूमन यह देखा गया है कि लड़कियां ज़्यादातर लडकों को अपना गलत फोन नंबर देती हैं.

अगर आप भी पत्नी की चिक-चिक से परेशान हैं?


9. मुफ्त शराब पीने में पुरुषों का इस्तेमाल करना: अगर लड़कियाँ पब या क्लबों में जाती हैं तो कोई न कोई लड़का उनकी आवा भगत के लिए तैयार रहता है. लड़कियाँ तो पहले से खर्च ना करने का निश्चय करके जाती हैं और अपने लटकों-झटकों की बदौलत लड़कों को उल्लू बनाती हैं. वह लड़कों से इश्कबाज़ी करती हैं उनसे मुफ्त में शराब या ड्रिंक्स पीती है और काम निकलने पर लड़कों को मिलता है ठेंगा.


rabbit-stalker8. पुरुषों को प्लेसहोल्डर के रूप में प्रयोग करती हैं: अगर कभी आपकी अपनी गर्लफ्रेंड से लड़ाई हो जाए तो दो चीज़ हो सकती है पहली अगर वह सभ्य है तो वह तुरंत आपको छोड़ देगी लेकिन अगर उसके मन में दोष है तो वह तब तक आपको नहीं छोड़ेगी जब तक उसको कोई दूसरा नहीं मिल जाता और तब तक वह आपकी जेब को निचोड़ देगी. ऐसी स्थिति में वह लड़की आपको प्लेसहोल्डर के रूप में प्रयोग करती है जहाँ वह अपना आधिपत्य साबित करती है.


7. पुरुषों की भावनाओं से खेलना: पुरुष लड़कियों को रोते नहीं देख सकते और इसका फ़ायदा कुछ लड़कियां उठाती हैं. अपने आंसुओं के द्वारा पुरुषों की भावनाओ से खेलना उनको बहुत आता है. दो बूँद आंसुओं के द्वारा वह सब कुछ हासिल कर लेती हैं.

कितना रोमांटिक है आपका ब्वॉयफ्रेंड


6. शारीरिक हिंसा का प्रयोग करना: अगर कोई पुरुष किसी महिला को मारे या पीटे तो वह पुरुष दूसरों के द्वारा अपराधी की नज़र से देखा जाता है, लेकिन कुछ क्रूर गर्लफ्रेंड अपने बायफ्रेंड को ऐसे मारती हैं जैसे वह उनकी संपत्ति हो. ऐसी लड़कियां यह समझती हैं जैसे वह कुछ भी कर सकती हैं और बदले में उनका बायफ्रेंड उनसे कुछ नहीं बोलेगा.


heelDM0602_468x3495. सार्वजनिक जगहों पर आलोचना करना: सार्वजनिक जगहों पर पुरुषों की आलोचना करना, उनका मज़ाक उड़ाना और बातों-बातों में नीचा दिखाना क्रूर महिलाओं की पहचान होती है.


4. अपने रिश्ते को छिपाना: अगर किसी लड़के को प्यार हो जाता है तो दुनियां को पता चल जाता है. परन्तु अगर किसी लड़की को प्यार होता है तो बात छुपी की छुपी रह जाती है. कई लड़कियां अपना रिश्ता छुपाती हैं और किसी रिश्ते में होने पर भी अपने को अकेला बताती हैं और दूसरों से चोंचले करती हैं.


3. वह सेक्स टालती हैं: बहुत सारे पुरुषों के लिए जितनी ज़रुरी वायु होती है उतनी ही ज़रूरत उनको सेक्स की भी होती है. क्रूर महिलाएं पुरुषों को तरसाने के लिये और कुछ पाने के लिए पहले पुरुषों को सेक्स के लिए ललचाती हैं और फिर ऐन मौकों पर सेक्स को टालती हैं तथा पुरुष के धैर्य की परीक्षा लेती हैं.

बीवी से ‘ये’ छिपाना पड़ सकता है महंगा!!


woman_beating_date_lg_nwm2. पुरुष की परीक्षा लेती है: समय-समय पर अपने बायफ्रेंड की परीक्षा लेना लड़कियों के स्वभाव में होता है. जैसे अगर कभी आप अपने दोस्तों के साथ जाना चाहते हैं लेकिन तभी आपकी गर्लफ्रेंड की कॉल आ जाती है और अगर वह आपको बेवजह अपने पास बुला रही है तो समझ जाइए वह आपकी परीक्षा ले रही है. लेकिन क्या रिश्तों में परीक्षा लेना ज़रुरी होता है.


1. वह ईर्ष्या को बढ़ाने के लिए इश्कबाज़ी करती हैं: लड़कों को परेशान करने उनको सताने में लड़कियों को मज़ा आता है. अगर कभी आपकी अपनी गर्लफ्रेंड से लड़ाई हो जाए तो वह ईर्ष्या से प्रेरित हो कर दूसरों से इश्कबाज़ी करती है. चाहे जो भी कारण हों जो लड़कियां अपने प्रेमी के सामने दूसरों से इश्कबाज़ी करती हैं.


indian_couple-205x300परन्तु एक सवाल जो इस सूची से उभरकर सामने आता है वह यह है कि क्या भारतीय परिवेश में आप लड़कियों द्वारा पुरुष पर किए जाने वाले इन दस क्रूर कार्यों से सहमत हैं. शायद उत्तर इस बात में छिपा है कि यह सर्वेक्षण फॉक्स न्यूज़ द्वारा कराया गया है जो एक विदेशी संस्थान है और फॉक्स न्यूज़ द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में किसी भारतीय को शामिल किया गया है या नहीं इसकी पुष्टि भी नहीं की जा सकती है.


हम भारतीय स्त्री को भगवान का तोहफ़ा मानते हैं और प्यार को निभाना भी जानते हैं. इश्कबाज़ी करना, चोंच लड़ाना शायद हमने कभी सोचा भी नहीं अतः क्या इस सर्वेक्षण की मौलिकता पर यह एक सवालिया निशान नहीं लगाता.

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13 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Vikram Gupta के द्वारा
October 21, 2014

You did not mention that demand of money is created to torture the male partner.

Shubham के द्वारा
May 13, 2014

हाँ मै इस अपडेट से सहमत हूँ क्यों की आज कल की लड़कियां कुछ भी करने को आमादा हैं बशर्ते उनकी इच्छाओं को पूरा करने वाला कोई पुरुष उनके सामने हो और जरुरत पड़ने पर ये लड़कियां अपने शरीर से ललचाने में भी पीछे नहीं हैं

Dharmendra Ahlawat के द्वारा
August 5, 2010

शाबाश - यदी हो सके तो एक दिन पेपर के पहले पेज पर इन अत्याचारौ को थोडी सी जगह दो

sanchita ghosh के द्वारा
August 5, 2010

बहूत ही सटीक लेख है एवँ बदलते परिवेश क। आईन। हे ।

brijdangayach के द्वारा
August 4, 2010

mahilaaon dawara aadmi per atyachar lekh kuch acha hai per mere hisab se jaise hum mard aurton per bahut se kaao ko per rock lagtey hain aur kahtey aisa vaisa aurat ko nahi karna chhaiye vaisey aurat hum mardon se chhati hai koi bhi ladki nahin chhati usko chhaney wala dusri kisi ladki se ishque ladey woh nahi chhati ki uska prem kahin raha na batak jaayezroori nahin ki ussney aapse iss liye dosti kari hai ki aap shaadi se pahley uskey saath sex karneki socheyein issi liye woh sex ko talti ai baar asia dekha bhi gaya ki ladkey shaadi se pahele sex intercourse kar leytey hai aur samay aaney per mukar jaatey hain issley agar samajhdar ladki hogi tab woh iss baat ko mukaar hi jayegi bharat jaise desh meie ladki pyar karney ke baad bhi aaj ke samay meie achey burey ka gyan rakhti ya tosex karegi nahin aur kar bhi liya tab woh ussi ladke ke saath shaddi karna chayegi uski zindagi samaj ke taaney sunney ki bajaey sukhi jivan jina chhayegi jis ko aaj bharat jaise desh meie prem vivah ki manyta mil chuki aurat ka mardon per atyachar nahin balki prem ka ek yeh samjohta agar mard issey attyachar samjhey woh ek alag baat ladki kabhi bhi nahi chhati ukse ke premi ke hotey woh bill pay tabhi woh apni mauj masti ke liye premi ki jeb saaf karti hai woh jaaanti hai yeh uskey prem jaal meie phans gaya hai uksi ichha hai tab aapko call kargei ya aapki baat ka jawab degi varna aap kaya karlogey aap ko apne roop jaal meie asia phansa deyti hai ki aap kab uske saath sex karogey woh bbhi aadmiyon ki tarah hogayi jaise aadmi sochta tha aurat paer ki juti hai woh bhi aaajkal ladke ko phansa kar bebquf baana deyti hai videshon ki ladkiyan bhi ab bharat ke har riti rivaz ko jaan gayi aur pyar ke saath premi ke zara se bhi chuk honey per itni badi saza deyti hai jo ek mansik atyachar aurat ka mard ke upper hota hai bharat meie mard pahaley hi dara samhea rahta hai ki kahin kisi ko pata na chal jaye aur aurat/ladki iss baat ko jaankar uska kabhi kabhi durpyog karti ki mard ke uper atyachar hi kahlayega

Lifestyle Blog के द्वारा
August 3, 2010

@anil आपका सुझाव भी इस लिस्ट का हिस्सा होना चाहिए . @sunny rajan वाकई रोचक अवलोकन है @ aman rana @satyamkumar @Ganesh Joshi @devesh आप सबकी प्रतिक्रियाओं के लिए धन्यवाद

sunny rajan के द्वारा
August 3, 2010

One Interesting thing that i found about this blog is the comment part… Only men are happy and they are commenting what about women. Don’t they posses any fruitful advice.

aman rana के द्वारा
August 3, 2010

ये बात भारत की महिलाऒ के लिय़े भी सच है  खासकर पढी लिखी लङकीयो के लिय़े.

    sunny rajan के द्वारा
    August 3, 2010

    अमन रना जी मैं कुछ हद तक आपकी बातों से सहमत हु परन्तु यह ज़रुरी नहीं की अधिपत्य और क्रूर बर्तावों का कारण पढ़ाई हो. इसके लिए चालक होना ज़रुरी है.

satyamkumar के द्वारा
August 3, 2010

हम भारतीयों की पहचान ही यही है की हम रिश्ता बनाना ही नही जानते ,हम रिश्ता निभाना भी जानते है .

Ganesh Joshi, Haldwani के द्वारा
August 2, 2010

गजब

devesh के द्वारा
August 2, 2010

शायद पहली बार किसी ने हम मर्दों के बारे में भी सोचा है.

anil के द्वारा
August 2, 2010

क्या समीक्षा की है लेकिन सब्से बुरी बात होती है एक तो जरुरत के समय नखडे दिखा कर फोन न उठाना और दूसरी धैर्य की परिक्षा लेना …


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