blogid : 313 postid : 755155

मृत्यु से कुछ मिनट पहले क्या सोचता है इंसान? पढ़िए एक हैरान करने वाला खुलासा

Posted On: 4 Dec, 2014 lifestyle में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

अकसर हमारे दिमाग में मृत्यु को लेकर अनेक तरह की धारणाएं हैं जैसे: मौत के बाद क्या होता है, मरने के बाद इंसान की आत्मा कहां जाती है, पुनर्जन्म किन परिस्थितियों में होता है इत्यादि! कई तरह के वैज्ञानिक और पौराणिक शोधों के बावजूद आज भी इंसान उपरोक्त सवालों को लेकर असमंजस में है. खैर, यह तो मृत्यु के बाद की स्थिति है, लेकिन मृत्यु से चंद मिनट पहले भी हर किसी के अंदर यह जिज्ञासा बनी रहती है कि मरने वाला इंसान उस दौरान सोचता क्या है?


deathbed-scene


विशेषज्ञों की मानें तो स्वर्गवासी होने से पहले व्यक्ति जीवन के उन पलों को याद करता है जिसका संबंध उसके अच्छे और बुरे होने से है. ज्यादातर वह व्यक्ति अपने उन बुरे कर्मों को याद करता है जब उसने जीवन जीने के दौरान दूसरे पर किए. वहीं अगर हॉस्पिटल में काम करने वाली नर्सों की बात करें जो अकसर मृत्यु के दौरान अपने मरीजों के पास होती हैं तो व्यक्ति स्वर्गवासी होने से पहले बहुत ही शांत रहने की कोशिश करता है. उस दौरान उसका दिल बहुत ही बड़ा हो जाता है और उन सभी बातों की पोल खोलता है जिनके बारे में अब तक उसने किसी को नहीं बताया था.


Read: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज़ है हनुमान जी का यह मंदिर, जानिए खासियत


यहीं नहीं वह मृत्यु से पहले खेद भी करता है कि उसने जिंदगी में वह सब चीजें क्यों नहीं किए जिसके लिए वह इस दुनिया में आया था.


आइए इसी तरह के खेदों पर प्रकाश डालते हैं जिन्हें व्यक्ति मरने से पहले एक बार जरूर याद करता है:


सपने पूरा न होने का खेद: यह एक सामान्य तरह का खेद है जो हर कोई मरने से पहले जताता है. जब इंसान को लगता है कि उसका यह आखिरी वक्त चल रहा है तो वह उन सभी बातों को फ्लैश बैक में जाकर याद करता है जिसको उसने या तो अधूरा छोड़ दिया या फिर शुरू ही नहीं किया.


asleep-hospital-bed-story-top


Read: पढ़िए सेना के जवानों की हवस का शिकार बनी सैकड़ों…


मेरी इच्छा थी कि मैं अपने परिवार के लिए कुछ कर सकता: मरने से पहले इस तरह के ख्यालात हर किसी के अंदर आते हैं खासकर पुरुषों के अंदर. क्योंकि घर की जिम्मेदारी अकसर पुरुषों के कंधों पर होती है और ज्यादातर वही अपने परिवार की अच्छी-बुरी लाइफइस्टाल के लिए उत्तरदायी होते हैं. ऐसे में यदि मरीज को लगता है कि उसने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया तो वह इसके लिए खेद जताता है.



काश मुझे खुद की फीलिंग को व्यक्त करने की प्रेरणा मिल जाती: यह एक ऐसा खेद है जिसे व्यक्ति जीवित रहने के दौरान भी कई बार जता चुका होता है. जैसे काश मैं उसे अपनी फीलिंग बता देता तो आज वह मेरी होती, अपनी फीलिंग न बताने की वजह से ही मेरे दोस्तों ने मुझे गलत समझा आदि. इस तरह की फीलिंग मरने से पहले भी एक इंसान को सताती है.


Read : एक अविश्वसनीय सच, मिलिए गर्भ धारण कर बच्चा पैदा करने वाले दुनिया के पहले पुरुष से


काश मैं दोस्तों के साथ दोस्ती निभा सकता: इस तरह का एहसास उस व्यक्ति को सबसे ज्यादा होता है जिसने अपनी जिंदगी में अपने ही दोस्तों को मुसीबत के समय धोखा दिया हो या फिर उसने दोस्ती होने का फर्ज नहीं निभाया हो. स्वर्गवासी होने से पहले वही व्यक्ति खेद जताते हुए अपने इन्हीं दोस्तों से क्षमा मांगना चाहेगा.


death03


काश मैं खुद को खुश रख पाता: सबकी चिंता करने के बाद अंत में मृत्यु से पहले व्यक्ति खुद के बारे में भी विचार करता है. वह सोचता है कि खुद को खुश रखने के लिए अपनी जिंदगी में उसने कुछ किया क्यों नहीं? वह क्यों पारंपरिक सोच पर कायम रहते हुए आधुनिक चीजों को दरकिनार करता रहा?


Read more:

मृत्यु से कई माह पूर्व मिलने लगते हैं संकेत

अंत समय का एहसास करवाते हैं मृत्यु पूर्वाभास !!

इसे मौत का रास्ता कहते हैं


Web Title : top 5 regrets people make on their deathbed



Tags:                   

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (6 votes, average: 3.17 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran