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एक चुम्बन में होता है 8 करोड़ बैक्टीरिया का आदान-प्रदान

Posted On: 24 Jul, 2015 मेट्रो लाइफ में

Chandan Roy

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रोमांटिक लाइफ में चुंबन की अहम भूमिका होती है. किसी भी रिश्ते में ‘किस’ करना रिश्ते की गहराई को दर्शाता है. हाल ही में हुए एक अध्ययन में बताया गया है कि एक बार किस करने पर 8 करोड़ बैक्टीरिया का आदान-प्रदान होता है. सम्भव है इन में से कई बैक्टीरिया हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकती हैं. इसके बावजूद हम सभी को अपना पहला ‘किस’ तो जरुर याद होगा. रिश्तों की गर्माहट और प्रेम को बनाए रखने के लिए कई लोग चुम्बन को जरुरी मानते हैं. हालाँकि सभी संस्कृति में ‘किस’ को लेकर अलग-अलग मान्यताएं है. जानिए ‘किस’ पर किए गए इस अध्ययन में सामने आए कुछ रोचक तथ्यों को…



couple-kissing



पश्चिमी सभ्यता में ‘किस’ करना सामान्य सी बात है. उनका मानना है कि एक-दुसरे को चूमना सामान्य व्यवहार है. लेकिन अध्ययन की माने तो ‘किस’ करना दुनिया के कई संस्कृतियों में नहीं है. यह अध्ययन लॉस वेगास यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर विलियम जानकोवायक की अध्यक्षता में हुआ.  इस अध्ययन के अनुसार विश्व की आधे से भी कम संस्कृतियों में चुम्बन का चलन है. कहा जा सकता हैं कि इंसानी प्रकृति ‘किस’ करने की नहीं है. यहाँ तक की जानवरों में भी ‘किस’ करने की  प्रवृति नहीं पाई जाती है.



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2013 में वलोडारस्की ने ‘किस’ की प्रवृति पर विस्तार से अध्ययन किया था. अध्ययन में शामिल सैकड़ों लोगों में से ज्यादातर का मानना था कि वे ‘किस’ के वक्त शरीर की सुगंध से एक दूसरे के प्रति आकर्षण और बढ़ जाता  है.




kiss mood



इस शोध में दुनिया के 168 संस्कृतियों का अध्ययन किया गया. अध्ययन में 46 प्रतिशत संस्कृतियों में लोग रोमांटिक पलों में एक-दुसरे को ‘किस’ करते हैं. इस अध्ययन से पहले माना जाता था कि 90 प्रतिशत संस्कृतियों में लोग अपने साथी को ‘किस’ करते हैं और यह इंसानी प्रकृति है. ज्ञात हो कि इस शोध में केवल ‘लिप किस’ का अध्ययन किया गया है.



romance


अध्ययन में कई प्राचीन जनजातीयों में ‘किस’ करने के सबूत नहीं मिले हैं. ब्राज़ील की प्राचीन मेहिनाकू जनजातीय समुदाय में भी चुम्बन को शिष्ट नहीं माना जाता है. प्रोफ़ेसर विलियम जानकोवायक का मानना है कि ‘किस’ सभी इंसानों का प्राकृतिक स्वभाव नहीं होता है. उन्होंने यह भी कहा कि चुम्बन  पश्चिमी सभ्यता की देन है.



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यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफोर्ड, ब्रिटेन के प्रोफ़ेसर राफ़ेल वलोडारस्की कहते हैं कि चुम्बन का इतिहास बहुत पुराना नहीं है. यह हाल-फिलहाल ही चलन में आया है. हालाँकि चुम्बन का बहुत पुराना उदाहरण हिंदु धर्म के वैदिक संस्कृति में मिलता है जो करीब 3500 साल पुराना है. इस शोध ने यह सवाल उठाया है कि वास्तव में चुम्बन इंसान की प्रकृति है या इंसान की खोज?Next…


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